Monday, 31 December 2012

       



       





महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के १२५वे जन्म दिवस पर फ्लोरिडा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला में यह सिद्ध हो गया की उन्होंने अपने मृत्यु से पूर्व जो गणित का सूत्र ब्रिटेन के आचार्य हर्डली को भेजा था वो सही है, रामानुजन जो की भगवान् विष्णु के अवतार भगवान् नरसिम्हा के महान भक्त थे और उनके खुद के अनुसार उन्हें गणितीय सूत्र ध्यान के दौरान देवी नामागिरी प्रदान करती थी.
उनके द्वारा दिया गया यह आखिरी सूत्र १९२० ईस्वी से लेकर अब तक एक रहस्य बना हुआ था और कई सारे पश्चिमी और पश्चिम से ओतप्रोत गणितज्ञ ऐसे भी थे जिन्होंने उसे गलत मान लिया था बिलकुल उसी तरह जैसे की हमारे पुरातन ग्रंथो में लिखी कई बाते समझ से बाहर होने पर बिना किस सिद्ध करने के प्रयास के सीधे गलत मान लिया जाता है और हसी का पात्र बनाया जाता है.
२२ दिसम्बर को आयोजित इस व्याख्यानमाला में यह सिद्ध हुआ है की उन्होंने जो सूत्र देवी नामागिरी से प्राप्त करके आचार्य हर्डली को प्रेषित किया था वो सृष्टि के रचना के लिए उत्तरदाई Black holes के लिए था और Black holes को मात्र उसी गणितीय सूत्र से समझ जा सकता है. बेहद आश्चर्य की बात है की Black hole का विचार सबसे पहले भौतिक विज्ञानी 'Stephen Hawking' ने अपने पुस्तक 'A Brief History of Time' में सन १९८८ ईसवी में दिया था वो मात्र 'hypothesis' के रूप में .जबकि उसी को सिद्ध करने का सिद्धांत (concept) श्रीनिवास रामानुजन ने १९२० में दे दिया था.
पर महत्व की बात ये है की नीच भारतीय मीडिया के कुछ छिछोरे इस पर अपनी सेक्युलरगिरी करने से बाज़ नहीं आये. कुछ बड़े पत्रकारों ने यहाँ तक लिख दिया है की भारत ने रामानुजन के प्रतिभा के देवी देवताओं से जोड़कर उनका बड़ा अपमान किया है और उनकी मेहनत को कम प्रदर्शित करने के लिए ये कहानी बनायी गयी है. ये नीच पत्रकार क्या यह बताने की कोशिस करेंगे की क्या ईश्वरीय शक्तियों से सीधे सम्बन्ध स्थापित करना कोई आसान या अल्प साधना का कार्य है क्या ???
नीच अपनी नीचता से कभी बाज़ नहीं आते , कुत्ते है तो भोकेंगे ही

No comments:

Post a Comment