क्या आप जानते हो की सावरकर जी ने अपने जीवन के कितने दिन जेल में गुजारे ?
30 जनवरी 1948 को गाँधी का वध किया गया हुतात्मा पंडित नाथूराम गोडसे की गोलियों द्वारा, नेहरु की द्वेष बुद्धू के फलस्वरूप इस घटना से सावरकर जी का कोई सम्बन्ध न होने पर भी उन्हें गाँधी वध का अभियुक्त बनाया गया किन्तु न्यायलय ने उन्हें निर्दोष माना और मुक्त कर किया l
17 वर्षों के बाद 21 दिन तक निराहार रह कर आयु के 83वें वर्ष, 26 फरवरी 1966 को सावरकर जी ने आत्मार्पण किया, शास्त्रों में अंधश्रद्धा न रखने वाले सावरकर जी निराहार रह कर परलोक सिधारे और जीवन भर अनशन तथा सत्याग्रह करने वाला गाँधी ... पिस्तोल की गोलियों से नरकगामी हुआ l
सावरकर जी तथा गाँधी दोनों को ही भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में कारावास भुगतना पडा, वीर सावरकर जी को लन्दन में 13 मार्च, 1909 को बंदी बनाया गया उनको 50 वर्ष का सश्रम कारावास का दंड दिया गया, 1911 से 1921 तक उन्हें अंडमान की काल कोठरी में बंद रखा गया l
6 जनवरी 1924 को उन्हें कारावास से मुक्त करके रत्नागिरी जिले में आबद्ध रखा गया, 10 मई 1937 को यह प्रतिबन्ध समाप्त हुआ l
1941 में भागलपुर में हिन्दू महासभा के अधिवेशन के सम्बन्ध में 8 दिन,
1948 में गाँधी वध के अभियोग में अभियुक्त होने के कारण 13 महीने,
फिर 1950 में नेहरु लियाकत समझौते के समय 100 दिन ... वीर सावरकर जी को कारावास सहना पडा l
कुल मिलकर सावरकर जी 5585 दिन प्रत्यक्ष कारागार में, 4865 दिन नजरबंदी में रहे... दोनों को मिलकर 10410 दिन (28 वर्ष 200 दिन) आत्मार्पण के दिन तक उन पर गुप्तचरों का पहरा रहता था l
गाँधी को कुल 7 वर्ष और 10 महीनो का कारावास का दंड दिया गया, जिसमे 905 दिन का कारावास उन्हें भुगतना पड़ा और 1365 दिनों के लिए स्थानबद्ध किया गया, अर्थात उन्हें कुल 2270 दिन (6 वर्ष 80 दिन ) कारावास में काटने पड़े, इनमे से अधिकतर समय वे प्रथम श्रेणी के विशिष्ठ बंदी रहे l एक अंग्रेज जेलर ने अपनी आत्मकथा में लिखा है की एक कैदी के लिए पहली बार सरकार से ऐसे आदेश प्राप्त होते थे की कारागार की सलाखैएँ बंद न की जाएँ.. कहीं गाँधी जी को बुरा न लग जाये l
तो दूसरी और सावरकर को सजा मिलती थी सारा दिन कोल्हू चला कर 30 पौंड तेल निकलने का... निरंतर... लगातार ... अथक ...यदि कम रह गया तो फिर कोड़ों की सजा मिलती थी
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